मंगलवार, 17 मई 2016

ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा बोल्यूं मान मेरो बिन्दी ना बैठ चरखी मा

संगीत.........................१२३
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा 
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा 
बोल्यूं मान मेरो बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
संगीत.........................१२३
बाँज को अछ्याणों बिन्दी बाँज को अछ्याणों
बाँज को अछ्याणों बिन्दी बाँज को अछ्याणों
चरखी वालो
मेरो भैजी
तेरु लगदू जिठाणु बिन्दी ना बैठ चरखी मा
तेरु लगदू जिठाणु बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
संगीत.........................१२३
काखडा को सिंग बिन्दी काखडा को सिंग
काखडा को सिंग बिन्दी काखडा को सिंग
चरखी मा ना
बैठ बिन्दी
त्वे लागली रिंग बिन्दी ना बैठ चरखी मा
त्वे लागली रिंग बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
संगीत.........................१२३
देई की परोठी बिन्दी देई की परोठी
देई की परोठी बिन्दी देई की परोठी
चरखी टूटी
जाली बिन्दी 
तू छे भारी मोटी बिन्दी ना बैठ चरखी मा
तू छे भारी मोटी बिन्दी ना बैठ चरखी मा
बोल्यूं मान मेरो बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
संगीत.........................१२३
द्दयबतों कु भोग बिन्दी द्दयबतों कु भोग
द्दयबतों कु भोग बिन्दी द्दयबतों कु भोग  
द्दयू च या
सरेल तेरो 
क्या बोलला लोग बिन्दी ना बैठ चरखी मा
क्या बोलला लोग बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ ना बैठ बिन्दी ना बैठ चरखी मा
संगीत.........................१२३
रोटी को पकुड़ो बिन्दी रोटी को पकुड़ो
रोटी को पकुड़ो बिन्दी रोटी को पकुड़ो
परदेशी
मुलुक छोरी
क्वी नी छ अपुडो बिन्दी ना बैठ चरखी मा
क्वी नी छ अपुडो बिन्दी ना बैठ चरखी मा
बोल्यूं मान मेरो बिन्दी ना बैठ चरखी मा
बोल्यूं मान मेरो बिन्दी ना बैठ चरखी मा
हे ना बैठ चरखी मा
ना बैठ चरखी मा
तू ना बैठ चरखी मा


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रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे तेरु मुल मुल हैंसुणु दवई ह्वैगे

संगीत ...................................... १२३ रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे नई नई ह्वैग...