संगीत...................१२३
काली रत ब्योंण
काली रत ब्योंण सुपिन्या मा किले अंदी
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
दुदे कि गडुली
दुदे कि गडुली त्वी त समली दे मिते
लागदी बडुली हो घुट घुटकै
लागदी बडुली हो घुट घुटकै
संगीत...................१२३
म्यारा दग्डया आज मुछंग बजे दे
बांसुरी का सुरों मा झुमैलो सुणे दे
संगीत...................१२३
म्यारा दग्डया आज मुछंग बजे दे
बांसुरी का सुरों मा झुमैलो सुणे दे
गितांगो मा रै च सेरा बण रिझे दे
सेरा बण रिझे दे
क्या रंग रंगीलो
क्या रंग रंगीलो जै बण दिखेंदी तु
वि बण सजिलो बांसुरी बजे दे
वि बण सजिलो बांसुरी बजे दे
संगीत...................१२३
लाखों मा बिधाता न मुखड़ी स्या छांणी
छोटी मोटी डाली मा नारंगी सि दांणी
संगीत...................१२३
लाखों मा बिधाता न मुखड़ी स्या छांणी
छोटी मोटी डाली मा नारंगी सि दांणी
हेंसण बणायो जन गंगा को पांणी
जन गंगा को पांणी
जन रीटी तकली
जन रीटी तकली धुवां सि बणे हलकी
पांणी सि पथली हो ठुम ठुमकै
पांणी सि पथली हो ठुम ठुमकै
संगीत...................१२३
जै दिन बिटि देखी मुखड़ी तेरी स्या
कुजणी किले मेरो चित्त नि लगदा
संगीत...................१२३
जै दिन बिटि देखी मुखड़ी तेरी स्या
कुजणी किले मेरो चित्त नि लगदा
बालो मन मेरो यो भारी खुदेंदा
भारी खुदेंदा
बिधाता कि लेख
बिधाता कि लेख बैखो ला भरी दुन्या
रंगिलो तु एक बांसुरी बजै दे
रंगिलो तु एक बांसुरी बजै दे
काली रत ब्योंण
काली रत ब्योंण सुपिन्या मा किले अंदी
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
दुदे कि गडुली
दुदे कि गडुली त्वी त समली दे मिते
लागदी बडुली हो घुट घुटकै
लागदी बडुली हो घुट घुट
काली रत ब्योंण
काली रत ब्योंण सुपिन्या मा किले अंदी
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
दुदे कि गडुली
दुदे कि गडुली त्वी त समली दे मिते
लागदी बडुली हो घुट घुटकै
लागदी बडुली हो घुट घुटकै
म्यारा दग्डया आज मुछंग बजे दे
बांसुरी का सुरों मा झुमैलो सुणे दे
संगीत...................१२३
म्यारा दग्डया आज मुछंग बजे दे
बांसुरी का सुरों मा झुमैलो सुणे दे
गितांगो मा रै च सेरा बण रिझे दे
सेरा बण रिझे दे
क्या रंग रंगीलो
क्या रंग रंगीलो जै बण दिखेंदी तु
वि बण सजिलो बांसुरी बजे दे
वि बण सजिलो बांसुरी बजे दे
लाखों मा बिधाता न मुखड़ी स्या छांणी
छोटी मोटी डाली मा नारंगी सि दांणी
संगीत...................१२३
लाखों मा बिधाता न मुखड़ी स्या छांणी
छोटी मोटी डाली मा नारंगी सि दांणी
हेंसण बणायो जन गंगा को पांणी
जन गंगा को पांणी
जन रीटी तकली
जन रीटी तकली धुवां सि बणे हलकी
पांणी सि पथली हो ठुम ठुमकै
पांणी सि पथली हो ठुम ठुमकै
जै दिन बिटि देखी मुखड़ी तेरी स्या
कुजणी किले मेरो चित्त नि लगदा
संगीत...................१२३
जै दिन बिटि देखी मुखड़ी तेरी स्या
कुजणी किले मेरो चित्त नि लगदा
बालो मन मेरो यो भारी खुदेंदा
भारी खुदेंदा
बिधाता कि लेख
बिधाता कि लेख बैखो ला भरी दुन्या
रंगिलो तु एक बांसुरी बजै दे
रंगिलो तु एक बांसुरी बजै दे
काली रत ब्योंण
काली रत ब्योंण सुपिन्या मा किले अंदी
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
बाली निंद खोंण हो ठुम ठुम कै
दुदे कि गडुली
दुदे कि गडुली त्वी त समली दे मिते
लागदी बडुली हो घुट घुटकै
लागदी बडुली हो घुट घुट
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें