संगीत...........................१२३
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ सी
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ सी
रै
ग्यों मैं
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ सी
रै ग्यों मैं
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ सी
रै ग्यों मैं
यखुली यखुली ये
गौंउ मा
अपणों खुजाणु रंदो बोल्या सी
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
संगीत...........................१२३
कनी चली अत्वाणी बत्वाणी या
कनो चली बथोंउ
संगीत...........................
कनी चली अत्वाणी बत्वाणी या
कनो चली बथोंउ
मन ख्यूं उड़े की ली ग्याई
खाली व्हे गे सेरू गोंऊ
खाली व्हे गे सेरू गोंऊ
बंद भितुरु ग्वडी रे गेनी
याद पुराणी
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
संगीत...........................१२३
छोड़ी की घोल पंछ्यूं की सी चार
उड़ गेनी देस्यूं पर्देस्यूं अफार
संगीत...........................
छोड़ी की घोल पंछ्यूं की सी चार
उड़ गेनी देस्यूं पर्देस्यूं अफार
पंख काटी बैठ्यूं छों जग्वाल
कभी ना कभी फिर बोडला घार
कभी ना कभी बोडला घार
अपडू ही छेल्यो डरोंणो पराण
कन्क्वे की राण
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
संगीत...........................१२३
जै खुणी सदनी खैरी ही पाई
वो भी में यखुली छोड़ी चली ग्याई
संगीत...........................
जै खुणी सदनी खैरी ही पाई
वो भी में यखुली छोड़ी चली ग्याई
भाग्य की बात कैकु क्या दोष
अपणु ही सोनू खोटू ह्वे ग्याई
अपणु ही सोनू खोटू ह्वे ग्याई
खुद अपडू कैमा सरोंणु जाण
रुणू राण
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ सी रै ग्यों मैं
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
SONG
LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=MS518UCqVd0&list=RDMS518UCqVd0&start_radio=1
अपणों खुजाणु रंदो बोल्या सी
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
कनी चली अत्वाणी बत्वाणी या
कनो चली बथोंउ
संगीत...........................
कनी चली अत्वाणी बत्वाणी या
कनो चली बथोंउ
मन ख्यूं उड़े की ली ग्याई
खाली व्हे गे सेरू गोंऊ
खाली व्हे गे सेरू गोंऊ
बंद भितुरु ग्वडी रे गेनी
याद पुराणी
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
छोड़ी की घोल पंछ्यूं की सी चार
उड़ गेनी देस्यूं पर्देस्यूं अफार
संगीत...........................
छोड़ी की घोल पंछ्यूं की सी चार
उड़ गेनी देस्यूं पर्देस्यूं अफार
पंख काटी बैठ्यूं छों जग्वाल
कभी ना कभी फिर बोडला घार
कभी ना कभी बोडला घार
अपडू ही छेल्यो डरोंणो पराण
कन्क्वे की राण
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
जै खुणी सदनी खैरी ही पाई
वो भी में यखुली छोड़ी चली ग्याई
संगीत...........................
जै खुणी सदनी खैरी ही पाई
वो भी में यखुली छोड़ी चली ग्याई
भाग्य की बात कैकु क्या दोष
अपणु ही सोनू खोटू ह्वे ग्याई
अपणु ही सोनू खोटू ह्वे ग्याई
खुद अपडू कैमा सरोंणु जाण
रुणू राण
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ सी रै ग्यों मैं
यखुली यखुली ये गौंउ मा
डारी को छुट्यूँ छंट्यूँ
https://www.youtube.com/watch?v=MS518UCqVd0&list=RDMS518UCqVd0&start_radio=1
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