संगीत...................१२३
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
दर्शन संस्कृति धर्म साधना
दर्शन संस्कृति धर्म साधना
श्रम रंजित तेरा कण कण
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
गंगा यमुना तेरा आंचल
दिव्य हिमालय तेरा शीश
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सब धर्मों की छाया तुझ पर
चार धाम देते आशीष
श्री बदरी केदारनाथ हैं
श्री बदरी केदारनाथ हैं
कलियर हिमकुंड अति पावन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
अमर शहीदों की धरती है
थाती वीर जवानों की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आंदोलनों की जननी है ये
कर्मभूमि बलिदानों की
फूले फले तेरा यश वैभव
फूले फले तेरा यश वैभव
तुझ पर अर्पित है तन मन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
रंगीली घाटी शौखों की या
मंडुवा झुंगुरा भट अन्न धन
रुम झुम रुम झुम झुमैलो झुमैलो
ताल खाल बुग्याल गिलेशर
दून तराई भाबर बण
भांटि भांटि लगै गुजर हैं चाहे
भांटी भांटी लगै गुजर हैं चाहे
फिर ले उछास भरी छ मन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
गौड़ी भैंस्यूंन गुंजदा गुठयार
ऐपण सज्यां हर घर हर द्वार
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
काम धाण की धुरी बेटी ब्वारी
कला प्राण छन शिल्प कार
बण पुंगड़ा सेरा पंदेरो मा
बण पुंगड़ा सेरा पंदेरो मा
बंटणा छन सुख दुख संग संग
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
कस्तूरी मृग ब्रह्मकमल हैं
फ्योंली बुरांस घुघती मोनाल
रुम झुम रुम झुम झुमैलो झुमैलो
ढोल नगाड़े दमुवा हुड़का
रणसिंघा मुरली सुर ताल
जागर हारुल थड्या झुमैलो
जागर हारुल थड्या झुमैलो
ज्वाड़ छपेली पांडव नर्तन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
कुंभ हरेला बसंत फूलदेई
उत्तरैणी कौथिग नंदा जात
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सुमन केसरी जीतू माधो
चंद्रसिंग वीरों की थात
जियारानी तीलू रौतेली
जियारानी तीलू रौतेली
गौरा पर गर्वित जन जन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
शत् शत् वंदन अभिनंदन
SONG LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=Mfk_2rc-mjc
KARAOKE LINK:
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
दर्शन संस्कृति धर्म साधना
दर्शन संस्कृति धर्म साधना
श्रम रंजित तेरा कण कण
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
गंगा यमुना तेरा आंचल
दिव्य हिमालय तेरा शीश
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सब धर्मों की छाया तुझ पर
चार धाम देते आशीष
श्री बदरी केदारनाथ हैं
श्री बदरी केदारनाथ हैं
कलियर हिमकुंड अति पावन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
अमर शहीदों की धरती है
थाती वीर जवानों की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आंदोलनों की जननी है ये
कर्मभूमि बलिदानों की
फूले फले तेरा यश वैभव
फूले फले तेरा यश वैभव
तुझ पर अर्पित है तन मन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
रंगीली घाटी शौखों की या
मंडुवा झुंगुरा भट अन्न धन
रुम झुम रुम झुम झुमैलो झुमैलो
ताल खाल बुग्याल गिलेशर
दून तराई भाबर बण
भांटि भांटि लगै गुजर हैं चाहे
भांटी भांटी लगै गुजर हैं चाहे
फिर ले उछास भरी छ मन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
गौड़ी भैंस्यूंन गुंजदा गुठयार
ऐपण सज्यां हर घर हर द्वार
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
काम धाण की धुरी बेटी ब्वारी
कला प्राण छन शिल्प कार
बण पुंगड़ा सेरा पंदेरो मा
बण पुंगड़ा सेरा पंदेरो मा
बंटणा छन सुख दुख संग संग
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
कस्तूरी मृग ब्रह्मकमल हैं
फ्योंली बुरांस घुघती मोनाल
रुम झुम रुम झुम झुमैलो झुमैलो
ढोल नगाड़े दमुवा हुड़का
रणसिंघा मुरली सुर ताल
जागर हारुल थड्या झुमैलो
जागर हारुल थड्या झुमैलो
ज्वाड़ छपेली पांडव नर्तन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
संगीत...................१२३
कुंभ हरेला बसंत फूलदेई
उत्तरैणी कौथिग नंदा जात
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
सुमन केसरी जीतू माधो
चंद्रसिंग वीरों की थात
जियारानी तीलू रौतेली
जियारानी तीलू रौतेली
गौरा पर गर्वित जन जन
अभिनंदन अभिनंदन
उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि
शत् शत् वंदन अभिनंदन
शत् शत् वंदन अभिनंदन
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https://www.youtube.com/watch?v=Mfk_2rc-mjc
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