संगीत............................१२३
विधाता निर्दे निठुर विधाता
विधाता निर्दे निठुर विधाता
सुपन्या सब भ्यूंचाल मा ल्वे खाल व्हे गेन
गों का गों घर बार मो अन्ध्वार व्हे गेन
चक्रचाल
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
संगीत............................१२३
खोला मेला ब्याल परसी तख
हेन्सदा खेलदा मनखी छाया यख
संगीत............................१२३
खोला मेला ब्याल परसी तख
हेन्सदा खेलदा मनखी छाया यख
आज व्हे मरघट या गाल
आज व्हे मरघट या गाल
घात खे कै न
संगीत..
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
संगीत............................१२३
छन्यू का गोर रमदा रै गेनी
चखुला पुथलों का घोल झड़ी गेनी
संगीत............................१२३
छन्यू का गोर रमदा रै गेन
चखुला पुथलों का घोल झड़ी गेन
स्यूंदून सेंदुर नि पेई
स्यूंदून सेंदुर नि पे
बाला गोदी ख्वजदे रै न
संगीत..
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
संगीत............................१२३
बरसूँ बीटी घर कुड़ी जग्वाली
कुछ कटीन के आस पाली
संगीत............................१२३
बरसूँ बीटी घर कुड़ी जग्वाली
कुछ कटिन के आस पाली
लीगे भूंचाल खंडाली
लीगे भ्यूंचाल खंडाली
सदनी कु सुख चै न
संगीत..
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
SONG LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=cYZWIP7Xw94
विधाता निर्दे निठुर विधाता
विधाता निर्दे निठुर विधाता
सुपन्या सब भ्यूंचाल मा ल्वे खाल व्हे गेन
गों का गों घर बार मो अन्ध्वार व्हे गेन
चक्रचाल
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
खोला मेला ब्याल परसी तख
हेन्सदा खेलदा मनखी छाया यख
संगीत............................१२३
खोला मेला ब्याल परसी तख
हेन्सदा खेलदा मनखी छाया यख
आज व्हे मरघट या गाल
आज व्हे मरघट या गाल
घात खे कै न
संगीत..
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
छन्यू का गोर रमदा रै गेनी
चखुला पुथलों का घोल झड़ी गेनी
संगीत............................१२३
छन्यू का गोर रमदा रै गेन
चखुला पुथलों का घोल झड़ी गेन
स्यूंदून सेंदुर नि पेई
स्यूंदून सेंदुर नि पे
बाला गोदी ख्वजदे रै न
संगीत..
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
बरसूँ बीटी घर कुड़ी जग्वाली
कुछ कटीन के आस पाली
संगीत............................१२३
बरसूँ बीटी घर कुड़ी जग्वाली
कुछ कटिन के आस पाली
लीगे भूंचाल खंडाली
लीगे भ्यूंचाल खंडाली
सदनी कु सुख चै न
संगीत..
कनु चक्रचाल के त्वेन हे
विधाता निर्दे निठुर विधाता
निर्दे निठुर विधाता
https://www.youtube.com/watch?v=cYZWIP7Xw94
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