संगीत..............१२३
इख मा छ्विं उख मा छ्विं
जख मा देखा तख मा छ्विं
इख मा छ्विं उक मा छ्विं
उठदा बैठदा छ्विं छ्विं
इख मा उख मा जख मा तख मा
पूछा ना अब क्या बोन की कख मा
इख मा छ्विं उख मा छ्विं
जख मा देखा तख मा छ्विं
सुद बुद नि रैंद दिन रात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
संगीत..............१२३
तेल्या खोला कुटणु जांद
तेल्या खोला
तेल्या खोला कुटणु जांद
उर्ख्याल्यूं मा छ्विं लगांद
मेरी गंज्यली
रुकदी नी
मेल्या खोला पिसणु जांद
मेल्या खोला
मेल्या खोला पिसणु जांद
रात बासा रैकी आंद
मेरी जन्दरी
थकदी नी
द्वी अंगुल की गिची गिची
अर जीब डेढ़ हाथ की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
संगीत..............१२३
भुज्जी बणांद छ्विं लगांद
भुज्जी बणांद
भुज्जी बणांद छ्विं लगांद
भुज्जी चूले मा फुके जांद
चुला जुगदा
ग्वदडी भिन्डी
रव्वटी पकांद छ्विं लगांद
रव्वटी पकांद
रव्वटी पकांद छ्विं लगांद
रव्वटी तवे मा बिसरी जांद
मेरी सगोर्या
अब खा बिन्डी
को भग्यांन खालो खालो
अजी खालो तेरा हाथ की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
संगीत..............१२३
बणों मा कछिडी लगांद
बणों मा
बणों मा कछिडी लगांद
पन्द्रों मा पंचेत बैठांद
हे मेरी छुंयु
भूखी रे गेयूं
बिज्यां मात थो नि खांद
बिज्यां मा
बिज्यां मात थो नि खांद
नींद मा भी बच्याणी रांद
बरसू बटी
उणींद छोंउ
सेणी खाणी हरची हरची
अजी हरची दिन रात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
संगीत..............१२३
छुंयु बटी छ्विं निकल्द
छुंयु बटी
छुंयु बटी छ्विं निकल्द
गिची जन मशीन चल्द
हे मेरी गिची
क्या करू क्या करू
दाड पीड़ा जिसे लेंद
दाड पीड़ा
दाड पीड़ा जिसे लेंद
पर घडेक चुप नि रेंद
हे मेरी बोई
मुंडारु मुंडारु
क्या चीज रचीं चा रचीं चा
रचीं चा व्हे विधाता की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
इख मा उख मा जख मा तख मा
पूछा ना अब क्या बोन की कख मा
इख मा छ्विं उख मा छ्विं
जख मा देखा तख मा छ्विं
सुद बुद नि रैंद दिन रात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
इख मा छ्विं उख मा छ्विं
जख मा देखा तख मा छ्विं
इख मा छ्विं उक मा छ्विं
उठदा बैठदा छ्विं छ्विं
इख मा उख मा जख मा तख मा
पूछा ना अब क्या बोन की कख मा
इख मा छ्विं उख मा छ्विं
जख मा देखा तख मा छ्विं
सुद बुद नि रैंद दिन रात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
तेल्या खोला कुटणु जांद
तेल्या खोला
तेल्या खोला कुटणु जांद
उर्ख्याल्यूं मा छ्विं लगांद
मेरी गंज्यली
रुकदी नी
मेल्या खोला पिसणु जांद
मेल्या खोला
मेल्या खोला पिसणु जांद
रात बासा रैकी आंद
मेरी जन्दरी
थकदी नी
द्वी अंगुल की गिची गिची
अर जीब डेढ़ हाथ की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
भुज्जी बणांद छ्विं लगांद
भुज्जी बणांद
भुज्जी बणांद छ्विं लगांद
भुज्जी चूले मा फुके जांद
चुला जुगदा
ग्वदडी भिन्डी
रव्वटी पकांद छ्विं लगांद
रव्वटी पकांद
रव्वटी पकांद छ्विं लगांद
रव्वटी तवे मा बिसरी जांद
मेरी सगोर्या
अब खा बिन्डी
को भग्यांन खालो खालो
अजी खालो तेरा हाथ की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
बणों मा कछिडी लगांद
बणों मा
बणों मा कछिडी लगांद
पन्द्रों मा पंचेत बैठांद
हे मेरी छुंयु
भूखी रे गेयूं
बिज्यां मात थो नि खांद
बिज्यां मा
बिज्यां मात थो नि खांद
नींद मा भी बच्याणी रांद
बरसू बटी
उणींद छोंउ
सेणी खाणी हरची हरची
अजी हरची दिन रात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
संगीत..............१२३
छुंयु बटी छ्विं निकल्द
छुंयु बटी
छुंयु बटी छ्विं निकल्द
गिची जन मशीन चल्द
हे मेरी गिची
क्या करू क्या करू
दाड पीड़ा जिसे लेंद
दाड पीड़ा
दाड पीड़ा जिसे लेंद
पर घडेक चुप नि रेंद
हे मेरी बोई
मुंडारु मुंडारु
क्या चीज रचीं चा रचीं चा
रचीं चा व्हे विधाता की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
इख मा उख मा जख मा तख मा
पूछा ना अब क्या बोन की कख मा
इख मा छ्विं उख मा छ्विं
जख मा देखा तख मा छ्विं
सुद बुद नि रैंद दिन रात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
कनी छुन्यांल व्हे तू बकी बात की
बकी बात की
SONG LINK:
KARAOKE LINK:
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें