शनिवार, 27 जुलाई 2024

सौंण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा कुयेडी लोंकली अँधेरी राता बरखा की झमणाटा खुद तेरी लागली

संगीत............१२३
सौंण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
सौंण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
अँधेरी राता बरखा की झमणाटा
खुद तेरी लागली
सौण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
संगीत............१२३
चौ डांडूयूँ पोर सर्ग गगणाद
चौ डांडूयूँ पोर सर्ग गगणाद
हिरि रिरि पापी बर्खा झुकी आँद
हिरि रिरि पापी बर्खा झुकी आँद
बडूली लागली
सौंण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
सौंण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
संगीत............१२३
गाड गदन्यो स्विं स्याट घनाघोरा
गाड गदन्यो स्विं स्याट घनाघोरा
तुम परदेश मी यखुली घौरा
तुम परदेश मी यखुली घौरा
जिकुड़ी डौरली
सौंण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
अँधेरी रात बरखा की झमणाट
खुद तेरी लागली
सौण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
संगीत............१२३
यकुल सरेला उनी पराणी क्वांसू
यकुल सरेला उनी पराणी क्वांसू
सेरा बस्ग्याल अब दणमण आंसू
 
सेरा बस्ग्याल अब दणमण आंसू
आंखी धोराली
सौंण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
सौण का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
2.0
संगीत............१२३
डेरा नौन्याल अर् पुंगड्यूं धाण
डेरा नौन्याल अर् पुंगड्यूं धाण
बरखा का दीडोमा घासकु भी जाण
बरखा का दीडोमा घासकु भी जाण
झुली मेरी रूझली
सौंणा का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
सौणा का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
संगीत............१२३
सौण भादों बरखी कि चली गैनी
सौण भादों बरखी कि चली गैनी
ऋतू गैनी मेरी आंखी नी उबेनी
ऋतू गैनी मेरी आंखी नी उबेनी
कनुके उबाली
सौंणा का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
अँधेरी राता बरखा की झमणाट
खुद तेरी लागली
सौंणा का मैना ब्वे कनुक्वे रैणा
कुयेडी लोंकली
अँधेरी राता बरखा की झमणाट
खुद तेरी लागली



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे तेरु मुल मुल हैंसुणु दवई ह्वैगे

संगीत ...................................... १२३ रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे नई नई ह्वैग...